जीएसटी लागू होने के बाद दवाएं महंगी हो सकती हैं। इंडियन ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने इस बारे में ड्रग रेगुलेटर एनपीपीए से मुलाकात कर दवाओं के दाम बढ़ाने की मांग की है। गौरतलब है कि अभी बिना जीएसटी के दवाओं पर 9 फीसदी टैक्स लगता है, जबकि जीएसटी के तहत ज्यादातर दवाएं 12 फीसदी स्लैब में होंगी।
दवाओं पर जीएसटी दर 12 फीसदी होने की वजह से पुराने स्टॉक्स पर उन्हें काफी ज्यादा नुकसान झेलना पड़ेगा। अगर वक्त रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो दवाओं की किल्लत भी हो सकती है। साथ ही दवाओं की नई कीमतें जल्द तय करने की भी सिफारिश की है।
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