चना वायदा (अगस्त) की कीमतें तेजी के बीच 4,250-4,300 रुपये तक बढ़त दर्ज कर सकती है।
कीमतों में लगातार 15 दिनों की तेजी के बाद अब चना की कीमतें दिल्ली बाजार में न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,400 रुपये प्रति 100 किलो ग्राम के स्तर को पार कर गयी है। दाल मिलों की ओर से अधिक माँग और बाजारों में कम उपलब्धता के कारण चना की कीमतों को मदद मिल रही है। सरकार ने देशी चना के निर्यात के लिए 7% प्रोत्साहन को 20 सितम्बर तक के लिए बढ़ा दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में नरमी के रुझानों के कारण कॉटन वायदा (जुलाई) की कीमतों में 22,360 रुपये तक गिरावट दर्ज किये जाने की संभावना है। अमेरिकी कपास बाजार में अनिश्चितता और घरेलू कपास बाजार में कारोबारियों के सतर्क रहने के कारण कीमतों पर दबाव पड़ रहा है। चीन की ओर से अमेरिकी कपास की खरीदारी कम किये जाने की संभावना है।
ग्वारसीड वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के 4,100-4,250 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। राजस्थान के प्रमुख बाजारों में बेहतर निर्यात माँग के कारण ग्वारसीड और ग्वारगम की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। इस बीच राजस्थान में 13 जुलाई तक ग्वारसीड की बुआई 10.83 लाख हेक्टेयर में हुई है, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में 16.45 लाख हेक्टेयर में हुई थी। ग्वारसीड की आवक काफी कम हो रही है, क्योंकि किसानो के पास काफी कम स्टॉक है।
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