मेंथा ऑयल वायदा (सितंबर) की कीमतों में 1,850-1,870 रुपये तक बढ़त जारी रह सकती है।
कुल मिला कर बढ़ती माँग के मुकाबले कम आपूर्ति के कारण छोटी अवधि में कीमतों को मदद मिल सकती है। कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद से किसान अपने स्टॉक को रोक कर रखे हुए हैं। सीमित आपूर्ति के बीच घरेलू और विदेशी माँग के कारण हाजिर बाजारों में अधिक माँग हो रही है। चीन और यूरोप की ओर से निर्यात माँग में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है।
उधर कॉटन वायदा (अक्टूबर) की कीमतों में नरमी का रूझान रह सकता है। कॉटन की कीमतें 22,680 रुपये तक लुढ़क सकती हैं। वर्तमान समय में अधिकतर मिलों के पास पर्याप्त भंडार हैं, जिसके कारण वे खरीदारी से दूर है और केवल कुछ ही मिलें ही अपनी जरुरतों को पूरा करने के लिए निचले स्तर पर कपास की खरीदारी कर रही हैं। इसलिए बाजारों में काफी कम कारोबार हो रहा है। अगले एक महीने में कपास की नयी फसल की आवक होने की संभावना है, लेकिन छिटपुट बारिश की स्थिति में आवक में कुछ देरी हो सकती है।
ग्वारसीड वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के 4,140-4,300 रुपये के दायरे में सीमित दायरे में कारोबार करने की संभावना है, जबकि ग्वारगम वायदा (अक्टूबर) की कीमतों के 8,865-9,230 रुपये के दायरे में कारोबार करने की संभावना है। पिछले हफ्ते ग्वारसीड की कीमतों में तेज गिरावट के बाद खरीदार सतर्क हो गये है और अधिक खरीदारी से दूरी बनाये हुए हैं। हाल ही मे हुई बारिश से राजस्थान में ग्वारसीड की फसल को लाभ होने की संभावना है। अंतिम चरण की फसल बुआई इस महीने के अंत में समाप्त हो जायेगी। अगले कुछ हफ्ते ग्वार की फसल के लिए काफी अहम हैं, क्योंकि पहले बोई गयी फसल अब विकास की अवस्था में हैं।
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